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रविवार, 28 अप्रैल 2013

इनका अपराध सिर्फ इतना था की ये हिन्दू थे


अब ग़ालिब की उर्दूं में समझाता हूँ शायद कुछ गद्दार नामर्द सेकुलर जयचंदों को ये बात समझ में आ जाए..

हमने माना कि तगाफुल न करोगे लेकिन
खाक हो जायेंगे हम तुमको खबर होने तक......




इनका अपराध सिर्फ इतना था की ये हिन्दू थे...क्या अल्लाह यही सिखाता है..ये कर्म मस्जिद जैसी पाक(????) कही जाने वाली जगह में हुआ..और किया कठमुल्लाओं ने..
फिर भी में कहता हूँ की इश्वर उन्हें सदबुद्धि दे..

हमने हिन्दुस्तान पर 800 साल हुकूमत की है।

उर्दू फारसी पत्र की सत्यप्रति
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                      पैगाम इस्लाम                   30/11/2008


   आप सबको गुजारिश है कि हमने हिन्दुस्तान पर 800 साल हुकूमत की है। अब भी हमारी हुकूमत चलती है पर सीधी तरह से नहीं। सब पार्टियां और इनके काफिर नेता हमारे इशारे पर नाचते हैं। हमको आज मदरसों, मस्जिदों और हज के लिये पैसा मिलता है। यहां भी भाजपा काफिर पार्टी ने भी मुसलमानों के ज्यादा काम किये हैं और आरएसएस के काम बहुत किये हैं क्योंकि उनसे पैसा नही खा सकते। इससे बहुत से निकर वाले भाजपा और आरएसएस से कट गये। 2004 के चुनाव में भाजपा को मुंह की खानी पड़ी मगर हमारी पूरी हुकूमत तो तब मानी जायेगी जब पूरा हिन्दुस्तान इस्लाम के झण्डे के नीचे होगा। इसलिये हर मुसलमान का फर्ज है कि खाना जंगी के लिये तैयार रहें। इसके लिये हथियारों के अलावा बम्ब बनाना सीखें और कुरान के 24 आयतें रोज पढ़ें और उसी के मुताबिक काफिरों के मारने, जलाने और धोखे से पकड़ने का काम सरंजाम दें और उनको लूट और उनकी औरतों को भगा कर शादी करें। गोयह सिलसिला 70 साल से चल रहा है। पूरा जोर तब लगायें जब खाना जंगी के लिये आईएसआई और सिमी के लिये हुकुम देंगे। हर मुसलमान को दूसरा कलमा रोज पढ़ना चाहिये। वो यह है- हंस के लिये लिया है पाकिस्तान और लड़के लेंगे हिन्दुस्तान। अगरचे मदरसा  जैल बातों पर आप लोग चल रहे हो फिर भी तबज्जो दें।
1-बिजनौर यू0पी0 फार्मूलाः- यहां पर मुसलमान जवान लड़के हिन्दुओं से दोस्ती करके अपने घर बुलाकर मछली, मुर्गा खिलाते हैं और फिर काफिरों के घर उनकी औरतों से यारी करके फंसाते हैं। ये औरतें मुसलमानों को माल भी खिलाती हैं और पैसा भी देती हैं। बहुत सी काफिर लड़कियों ने मुसलमानों से शादी कर ली है। वाह अल्ला तेरा शुक्र है। औरत को ताज चाहिये न तख्त लौडा चाहिये सख्त।
2-बोतल फार्मूला- गरीब बस्तियों में काफिरों को ज्यादा शराब पिला कर नामर्द बनाओ और उनकी औरतों से ऐश करो। 9 करोड़ चमार वगैरा तो मुसलमानों से मिल चुके हैं और उनकी औरतें तो आराम से मुसलमानों के बगल में आ जाती हैं।
3ः- चोरी डकैती- काफिरों के घरों में धोखा देकर चोरियां करो उनके खेतों की फसल काटो और उनके जानवरों की भी चोरी करो।
4-शहरी फार्मूला-(1)  मुसलमान अकल से काम लें, अपने छोटे लड़कों को काफिरों के घर नौकर रखो और 25/25 बच्चे कैसे पालोगे, 8/10 साल के बाद आपके बच्चे जवान होकर घर की हिन्दू औरतों से दोस्ती करेंगे और ऐश के साथ-साथ पैसा भी खूब मारेंगे।
शहरी फार्मूला-(2) मुसलमान जवान नौकर, ड्राइवर, खानसामा, रोटी पकाने वाला, माली, चैकीदार बन हिन्दू नामों से रहो और मौका मिलते ही उपर वाली बातों पर अमल करें। इसके अलावा उनकी गाड़ियों, स्कूटरों वगैरा भी चोरी कर सकते हैं। ये शहर के इमाम से हर तरह के उस्तादों का पता लग जायेगा। काफिरों को जब पता लगा अपनी औरतों के बारे में पता लगा तो उन्होंने नौकरी से निकालने की कोशिश की तो औरतें ही कहने लगी-अच्छा भला ईमानदारी से काम करता है इसे नौकरी से क्यों निकालते हो। कई बार औरतें मुसलमानों के साथ भाग गईं। कई मुसलमान निकाले जाने के बाद दिन में जब काफिर घर पर नहीं होते आकर ऐश, ईशरत करते हैं। माल खाते हैं और पैसे भी ले जाते हैं। या अल्ला  तेरा शुकर है तूने किसलिये हिन्दू को अंधा बनाकर रखा है, जिसको पैसा कमाने के अलावा कुछ भी नजर नहीं आता। ये इस्लाम की जीत है।
जेहाद- खाना जंगी के जेहाद में यदि मुसलमान शहीद होगा तो उसे जन्नत मिलेगी, अगर जिन्दा बचता है तो हिन्दुस्तान के काफिरों की सारी जायदादें मुसलमानों को मिलेंगी और सारी हिन्दू औरतें भी मिलेंगी तो यह भी जन्नत होगी। जैसे पाकिस्तान, कश्मीर और बांग्लादेश की सब कोठियां बंग्ले मुसलमानों को मिले थे। जेहाद के लिये 2 लाख सीमी के जवान 1 लाख अलकायदा के लिये मुसलमान तैयार हैं। अब हम 20 करोड़ हो गये हैं इसके अलावा 5 करोड़ बंग्लादेशी जिसमें 1 लाख टेररिस्ट हैं। इसलिये घबराने की जरूरत नही है। हिन्दुस्तान की मिलिट्री में भी काफी मुसलमान हैं और बहुत से तो हिन्दू नामों से भर्ती हैं। पुलिस में भी काफी मुसलमान हैं और वक्त आने पर काफिरों को दोजख पहुचायेंगे।
आम हिन्दू लोगों में मुसलमानों के लिय नरम रूख है जिसकी वजह उपर बतायें है हिन्दू औरतों से दोस्ती है। केरल, मद्रास और हैदराबाद में काफी असलाह पाकिस्तान और अरब मुल्कों से आ चुका है। बिहार में चीन और बांग्लादेश से 60 हजार एके-47 आ चुकी हैं। इसलिये लाल किला पर झण्डा जल्दी झूलेगा। अरब मुल्कों में हिन्दू औरतों को नर्स, आया, खाना बनाने वाली बनाकर ज्यादा से जयादा भेजें। अच्छी तनख्वाह के लालच में गरीब व दरम्यान घर की लड़कियां खुशी से जाती हैं और वहां जाकर रात को सारी की सारी अरबों के पास सो जाती हैं और मुसलमानों की आबादी बढ़ाने में काफी मददगार हैं। हिन्दू लड़की से शादी, हिन्दू लड़की जो भगाकर लायी जाये उसे 2 दिन भूखा रखें फिर अच्छा-अच्छा खाना दें। उनकी सतत या खतना जरूर करायें। अगर उसके रिश्तेदार कोर्ट केश करें तो कोर्ट में ले जाने से पहले 50/60 बंदूकों के हथियार दिखायें और खबरदार करें। अगर हमारे खिलाफ बयान दिये तो तेरे भाई और खानदान को भून देंगे। ऐसी लड़की को वश में  करने वाले ताबीज पहनाना न भूलें। ये भी कमाल का काम करता है।
हरियाणा के मुसलमानों का कमाल- गांधी की मेहरबानी से मेवात के मुसलमान पाकिस्तान नही गये थे। पिछले 15 सालों से40 लाख मुसलमान बिहार, यूपी, राजस्थान में आकर बस गये हैं। 70 फीसदी तो हिन्दू नामों से रह रहे हैं और उपर लिखी बाते अच्छी तरह सरजाम दे रहे हैं। पंजाब में भी लाखों मुसलमान पहुंच चुका है। वक्त आने पर ये सब जेहाद के लिये कुरान के मुताबिक काफिरों को दोजख पहुचाने के लिये तैयार हैं। अल्ला हमारे साथ है।
काफिरों का बंटवारा- वैसे तो हिन्दू जांत-पांत में बंटा है आप लोग चमारों के दिमाग में हिन्दुओं के लिये खूब नफरत भरें जिन्होंने इनके उपर सैकड़ों साल जुल्म ढाये। मुसलमानों शाबास। बीएसपी को जीताकर भाजपा को धूल चटाकर दी। अब चमार हिन्दू से खूब बदला ले रहे हैं। तुमने पहले मुलायम सिंह जो एक मुसलमान पहलवान की औलाद है से खूब काम लिया और उसकी गांड भी मारी। अब मायावती से खूब काम निकलवायें। मुसलमानों के काम निकलवाओ और मायावती की दोनों तरफ से मारो। इस्लाम में औरतों के आगे-पीछे का इस्तेमाल करना जायज है।
आसाम और कश्मीर- आसाम और कश्मीर पर तो मुसलमानों का कब्जा हो चुका है।सारे बुतखाने तोड़ दिये गये हैं। महलों व सड़कों का नाम बदलकर जिन्हा रोड व अली रोड कर दिये हैं। आसाम पर भी काफी हद तक मुसलमानों का कब्जा है। काफिरों का कत्ल करके दहशत फैला कर भगाया जा रहा है। इस तरह कश्मीर की तरह हिन्दुओं की जायदाद व औरतें अल्ला की फजल से हम मुसलमानों को मिल रही हैं। सारे हिन्दुस्तान को इस्लाम के झंडे के नीचे लाने के लिये संघ जैल है।
पाकिस्तानी फार्मूला- सन् 1947 में हमारे जवानों ने काफिरों के छोटे-छोटे बच्चे आसमान में उछालकर नैजे व भाले पर लिये थे। इनकी औरतों के साथ 10/10 मुसलमानों ने जिन्हा किया था और अल्हादानी लोहे की नोहर गर्म करके लाल-लाल उनके थनों पर चिपकाई गई थी। कई औरतों के थन काट दिये थे। उनके बच्चों को मारकर पकाकर खिलाया भी था। राजीव गांधी के राज में फार्मूला काश्मीर में आजमाया गया। नतीजा यह निकला कि साढ़े तीन लाख पण्डितों से कश्मीर 2 दिन में खाली हो गया और करोड़ों बल्कि अरबों रूपये की काफिरों की जायदाद पर मुसलमानों का कब्जा हो गया।
जेहाद में औरतों के लिये खास दस्ता- मुसलमान जवान का यह दस्ता स्कूटर कार छोटे ट्रक वगैरा पर हिन्दू देवताओं की फोटों चिपकाकर रखें। ड्राइवर व कंडक्टर हिन्दू वेश में हो। जब अफरा-तफरी फैले तो काफिरों को जिनमें औरतें ज्यादा हों मुसलमान मोहल्लों में भगाकर ले जायें। औरतें को वहां पहुंचा दी जायें। काफिर मर्द और बच्चे मारकर दोजख भेज दें। ये नुस्खा 40 साल पहले अहमदाबाद में आजमाया गया था, उस समय वाई वी चैहान होम मिनिस्टर थे। इसी दस्ते के लिये जयपुर फार्मूला कई साल पहले हमारे मुसलमाना जवानों ने जयपुर में फसाद शुरू किये थे और हिन्दू घरों से व लड़कियों के स्कूलों से उठा ली थी। 6 माह बाद जब 2/3 लड़कियों ने अपने घर खबर भेजी तो खानदान के उन लोगों ने उन लड़कियों को वापस लेने से इन्कार कर दिया। 1948 में जब हिन्दू मिलिट्री, हिन्दू औरतों को निकालकर हिन्दुस्तान लाई तो उनके खानदान वालों ने लेने से इंकार कर दिया। इस वास्ते कुछ ने तो खुदकुशी कर ली। ये सब मुसलमानों के लिये अच्छा हुआ। इसके लिये हिन्दुओं की दाद देनी चाहिये।
मुसलमानों और हिन्दुओं के मरने की निस्बतः- जब पाकिस्तान बना तो एक मुसलमान शहीद हुआ था। काफिर मारे गये थे अब तो बम्बों और एके 47 का  जमाना है, अल्ला ने चाहा तो एक मुसलमान के मारे जाने पर 100 हिन्दू मरेंगे अल्ला हमारे साथ है। मुसलमानों को अल्ला का शुक्रगुजार होना चाहिये कि वो सब भूल गयें अल्ला ने उसका दिमाग बड़ा कमजोर दिया है। इसलिये हमने 800 साल हुकूमत की और इन्सा अल्ला फिर करेंगे। इस बात से साबित होता है कि अल्ला भी चाहता है कि मुसलमानों को हिन्दुस्तान की हुकूमत मिले और हिन्दुओं की औरत को जन्नत मिले। चीन, पाकिस्तान और बंग्लादेश से हथियार व नकली नोट हम मुसलमानों की मदद के लिये अल्ला भिजवा रहा है। हिन्दू अफसर और पुलिस वाले इसी पैसे से अंधे बना दिये जाते हैं। यह खत मस्जिदों में जुमे के रोज सब मुसलमानों को सुनाया जाये। खाना जंगी के वक्त पाकिस्तान, चीन, बांग्लादेश व नेपाल भी हमारी मदद के लिये हिन्दुस्तान पर हमला बोल देंगे। नेपाल में काफी मंदिर तोड़ दिये गये हैं और आईएसआई की मदद से काफी लोग मुसलमान हो गये हैं।
कलावा मोटर साईकिल-मुसलमान जवानों को चाहिये अपने हाथ में कलावा बांध कर अपना नाम बदलकर हिन्दू नाम अपना लें। मोटर साईकिल पर सवार होकर हिन्दू मोहल्ले में कालेजों और स्कूलों के पास खड़े होकर हिन्दू लड़कियों से इश्क लड़ायें। होटलों में भी खुद भी ऐश करें और उनसे काल गर्ल्‍स  का काम लें। इस कमाई से कुछ हिस्सा हथियारों पर खर्च करें। कारों वाले भाई जान भी करें। अरब मुल्कों में इसके लिये काफी पैसा हम तक पहुंच रहा है। 
भाजपा का डर था कि वो कुरान की 24 आयतें कहीं छापकर नहीं बांटे मगर अल्ला की मेहरबानी से वो अंधे हो गये और नहीं बांट सके। अल्ला तेरा शुकर है कि भूल कर भी सिखों को न छेड़ें। ये जालिम होते हैं बल्कि चक्कर चलाकर उनको हिन्दुओं से दूर रखें। 80 साल के ये सिंधी पंजाबी बड़े नेक इंसान हैं, गरीब मुसलमानों की मदद करते हैं। ये मोहल्ला पीर गैब मुरादाबाद यूपी में रहते हैं, मगर भाजपा के जानी दुश्मन हैं। कहते हैं कि भाजपा वालों ने राम मंदिर और हर बात पर हिन्दू की पीठ पर छूरा भोंका। हमारे हिन्दू वाजपेयी की इज्जत करते थे मगर अब तो उसके मुंह पर थूकना भी हिन्दू पाप समझता है। कहते हैं हिन्दुओं को अपनी तवारीख लिखनी चाहिये जिससे 20 वीं सदी के गद्दारे आजम वाजपेयी और आडवाणी हों। 20 वीं सदी के गांडु नेता वाजपेयी और आडवाणी, 20 वीं सदी के सबसे पहले गद्दार व गांडु पार्टी भाजपा है। ये खत किसी हिन्दू को न दिखायें।                 
                                    आपका खादिम
                                    सुलतान मियाँ कटघर          -                                                     मुरादाबाद यू0पी0
      (यह पत्र जिला मेवात, बड़खली चैक से प्राप्त हुआ)

धर्मांतरण की वैश्विक नीति

 
विकसित समाज की त्रासदियों में से एक महत्वपूर्ण त्रासदी है बलात् धर्मांतरण। एशियायी देशों, विशेषकर पाकिस्तान, बांग्लादेश और भारत में हिन्दुओं के बलात् धर्मांतरण की घटनाओं पर किसी का कोई अंकुश नहीं होना और भी चिंताजनक है। पाकिस्तान और बांग्लादेश की अपेक्षा स्वतंत्र भारत में भी हो रही धर्मांतरण की घटनाओं ने स्थिति को और भी भयावह बना दिया है। हिन्दुओं ने कभी किसी को धर्मांतरण के लिये नहीं कहा ..न कभी ऐसा कोई अभियान चलाया, जबकि मुस्लिमों और ईसाइयों ने धर्मांतरण के लिये वह सब कुछ किया जिससे मानवता कराहती रही। यह क्रम सहस्त्रों वर्षों से अनवरत् चल रहा है ...तब के पराधीन भारत से लेकर आज के स्वतंत्र भारत तक। केवल एक औरंगज़ेब ने ही नहीं बल्कि उस जैसे बेशुमार लोगों ने इस्लाम धर्म के नाम पर मानवता को शर्मसार करने में कोई कसर नहीं रख छोड़ी। विश्व इतिहास में ऐसा कोई उदाहरण नहीं मिलेगा जिसमें किसी हिन्दू द्वारा किसी विदेशी भूमि पर जाकर वहाँ के राजाओं के साथ या वहाँ की प्रजा के साथ अमानुषिक व्यवहार किया गया हो। इस्लामिक अनुयायियों द्वारा प्रचलित प्रताड़ना के तरीके अद्भुत हैं ...क्रूरता की अपनी ही बनायी हर सीमा को तोड़ते हुये एक इस्लामिक विश्व की कल्पना की जाती रही है। यह मोहम्मद गोरी है जो पृथ्वीराज की आँखें बड़ी क्रूरता के साथ गर्म सलाखों से फोड़ देता है....यह औरंगज़ेब है जो शिवाजी के पुत्र सम्भा जी की जिव्हा काटकर फेक देता है और आँखें गर्म सलाखों से फ़ोड़ कर तड़प-तड़प कर मरने के लिये बाँध कर छोड़ देता है ...भारत में ऐसे उदाहरणों की भरमार है।

विदेशी मुसलमानों के अमानुषिक अत्याचारों से सदियों तक लुहूलुहान होते रहे उसी भारत में स्वतंत्रता प्राप्ति के समय धर्म के नाम पर देश के हिस्से हुये.... इस त्रासदी के बाद भी आर्यों का देश एक बार फिर खोखले आदर्शवाद और अदूरदर्शिता का एक लम्बे समय तक शिकार होते रहने के लिये बाध्य कर दिया गया। इस बाध्यता का परिणाम् क्या होगा कोई नहीं जानता। हिन्दू राष्ट्र की स्थापना के लिये किये गये न जाने कितने महान लोगों के बलिदानों को विस्मृत कर दिया गया। धर्मनिरपेक्षता के आयातित पाखण्ड के खोखले आदर्शों की स्थापना के समय पृथ्वीराज और सम्भा जी की तप्तलौहदग्ध आँखों की पीड़ा को स्मरण किये जाने की किसी ने आवश्यकता नहीं समझी। किसी ने भारत की मासूम बेटियों-बहुओं के साथ इस्लामिक झण्डाबरदार अनुयायियों द्वारा क्रूरतापूर्वक किये जाते रहे बलात्कारों की पीड़ा को स्मरण करने की आवश्यकता नहीं समझी। और आज इतने वर्षों बाद यह सोचने की आवश्यकता भी कोई नहीं समझ रहा कि क्यों ....आख़िर क्यों पाकिस्तान और बांग्लादेश में हिन्दुओं की संख्या निरंतर कम होती जा रही है, वहीं भारत में मुस्लिमों की संख्या निरंतर बढ़ती जा रही है। असंतुलन की यह स्थिति आने वाले समय में भारत के मानचित्र में फिर परिवर्तन की प्रतीक्षा कर रही है। अब प्रश्न यह है कि भारत के मानचित्र में परिवर्तन का यह क्रम कब समाप्त होगा ? कभी समाप्त होगा भी या नहीं? पूर्वांचल के प्रांत ईसाई बहुल हो गये हैं, भारत के कई शहर मुस्लिम बहुल होते जा रहे हैं। ...धर्मांतरण का कुचक्र गतिमान है ...कहीं कोई नियंत्रण नहीं ...कहीं कोई प्रतिबन्ध नहीं। भारत के विभिन्न नगरों में हिन्दुओं पर आक्रमण, भारत की भूमि पर बलात् अधिकार और बलात् धर्मांतरण जैसी घटनायें पड़ोस के विदेशी मुस्लिम आक्रांताओं द्वारा भारत में आज भी हो रही हैं ...जिसका परिणाम् है अभी हाल में हुयी असम हिंसा...जिसकी लपट दूर मुम्बई में भी खूब भड़की। इस्लामिक अनुयायियों के आतंकवाद ने भारत को निरंतर शिकस्त दी है .....भारत में घुस कर भारतीयों का सामूहिक नरसंहार किया है। हिन्दुओं को विचार करना होगा कि विश्व में उनके लिये अब कौन सा ऐसा स्थान है जहाँ वे सुरक्षित रह सकते हैं। क्या हिन्दुओं को आगामी एक सौ वर्षों में ही भारत से पलायन करना पड़ेगा? प्रश्न गम्भीर है ...उपेक्षा करना आत्मघाती होगा।    

स्वतंत्र भारत के समाचार पत्रों में धर्मांतरण के बारे में प्रायः कोई न कोई घटना प्रकाशित होती ही रहती है। पिछले कुछ दिनों से हिन्दू लड़कियों के अपहरण, बलात् धर्मांतरण और उनके साथ मुस्लिमों द्वारा बलात् विवाह करने जैसी घटनाओं की सूचनायें पड़ोसी देश पाकिस्तान से आ रही हैं। पहले तो पाकिस्तान के नुमाइन्दों ने इन सूचनाओं का खण्डन किया पर अब वे भी स्वीकार करने लगे हैं कि पाकिस्तान में हिन्दू लड़कियों का बलात् धर्मांतरण किया जा रहा है। गत् वर्ष 2011 में अल्पसंख्यक समुदाय की दो हज़ार लड़कियों और स्त्रियों को बलात्कार, यातना और अपहरण के माध्यम से इस्लाम का अनुयायी बनने के लिये बाध्य किया गया। कितने अपमान और पीड़ा का विषय है कि प्रताड़ना के हर प्रकरण में स्त्री ही हर किसी के अंतिम लक्ष्य पर होती है। यह कैसा इस्लाम है जो किसी की धार्मिक स्वतंत्रता का न केवल बलात् अपहरण करता है अपितु स्त्रियों के उत्पीड़न की सारी सीमायें लाँघ जाता है?

पाकिस्तान की हर प्रकार की व्यवस्थाओं पर कट्टर इस्लामिक संगठनों के नियंत्रण की स्थिति की भयावहता का प्रमाण है कि अल्पसंख्यक हितों के पक्षधर पाकिस्तानी पंजाब के राज्यपाल सलमान तासीर और केन्द्रीय अल्पसंख्यक मंत्री शाहबाज़ भट्टी की 2011 में हत्या कर दी गयी।

इधर पाकिस्तान से प्रताड़ित हुये हिन्दुओं के भारत पलायन का क्रम थम नहीं रहा है। धार्मिक वीज़ा लेकर थार एक्सप्रेस से पाकिस्तानी हैदराबाद और सिन्ध से एक सौ एकहत्तर हिन्दू परिवारों ने पलायन कर राजस्थान के जोधपुर नगर में शरणार्थी बनकर अपना डेरा डाल दिया है। वे अब पाकिस्तान वापस नहीं जाना चाहते। कोई अपनी जन्म भूमि छोड़कर पलायन क्यों करता है? यह चिंतनीय विषय है। यह लेख लिखते समय मैं स्वीकार करता हूँ कि हर मुसलमान क्रूर और आतंकवादी नहीं होता ....मानवीय संवेदनाओं और मानव मात्र का हितचिंतन करने वाले मुस्लिमों के प्रति मैं विनम्रता पूर्वक अपना सम्मान प्रकट करता हूँ। तथापि पतन के इस युग में बड़ी ही विनम्रतापूर्वक मैं इस बात का भी प्रबल पक्षधर हूँ कि इस्लाम के नाम पर हो रहे अत्याचारों और अमानवीय कृत्यों को अंकुश में रखने के लिये एक ऐसी विश्वनीति बनायी जानी चाहिये जो धर्मांतरण को घोर आपराधिक कृत्य घोषित करे। विश्व के किसी भी देश या समुदाय में धर्मांतरण एक घोर अपराध स्वीकार किया जाना ही चाहिये। ध्यान रहे ...धर्मांतरण का अपराध राष्ट्रद्रोह का अपराध है।   

शुक्रवार, 26 अप्रैल 2013

राईट बन्धुओं से पहले ही भारत में विमान का आविष्कार हो चुका था !

राईट बन्धुओं से पहले ही भारत में विमान का आविष्कार हो चुका था !(AERONAUTICS IN INDIA)



 राईट बन्धुओं से पहले ही भारत में विमान का आविष्कार हो चुका था !

हिन्दू धर्म से संबंधित विभिन्न धार्मिक कथा कहानियों में इस प्रकार के उल्लेख मिलते हैं कि प्राचीन काल में विभिन्न देवी-देवता,यक्ष,गंधर्व,ऋषि-मुनि इत्यादि विभिन्न प्रकार के विमानों द्वारा यात्रा भ्रमण किया करते थे। जैसे कि रामायण में पुष्पक विमान का वर्णन आता है। महाभारत में भी श्री कृष्ण, जरासंध आदि के विमानों का वर्णन आता है। इसी प्रकार से श्रीमहाभागवत में कर्दम ऋषि की एक कथा आती है कि तपस्या में तल्लीनता के कारण वे अपनी पत्नी की ओर अधिक ध्यान नहीं दे पाते थे। किन्तु कुछ समय बाद जब उन्हे इसका भान हुआ तो उन्होंने अपने विमान के द्वारा उसे संपूर्ण विश्व का भ्रमण कराया।

देखा जाए तो इन उपरोक्त वर्णित कथाओं को जब आज का तार्किक व प्रयोगशील व्यक्ति सुनता,पढ़ता है तो उसके मन में स्वाभाविक रूप से ये विचार आता है कि यें सब कपोल कल्पनाएं हैं, मानव के मनोंरंजन हेतु गढ़ी गई कहानियॉ मात्र है। ऐसा विचार आना सहज व स्वाभाविक है, क्योंकि आज देश में इस प्रकार के कहीं कोई प्राचीन अवशेष नहीं मिलते, जों ये सिद्ध कर सकें कि प्राचीनकाल में मनुष्य विमान निर्माण की तकनीक से परिचित था। किन्तु यदि भारतीय ग्रन्थों का सही तरीके से अध्ययन, मनन करें तो ये स्पष्ट हो जाता है कि युद्ध कौशल में प्रयोग होने वाले विभिन्न प्रक्षेपात्रों, अदृ्श्य अस्त्रों-शस्त्रों आदि की उपलब्धता भारत में विज्ञान के चर्मोत्कर्ष की ओर संकेत करती है। इसी क्रम में प्राचीन भारतीय विमान शास्त्र पर आज ये लेख प्रस्तुत कर रहा हूँ जिससे कि आप लोगों को प्राचीन भारतीय ज्ञान-विज्ञान की एक झलकी मिल सके।  

मैं यह दृ्डतापूर्वक कह सकता हूँ कि विभिन्न वैज्ञानिक निर्माण, आविष्कार आदि जितनी भी लोकोपयोगी विद्याएं हैं---ये सभी भारत की ही देन हैं। समुद्रतल तथा आकाशमंडल की परिधि में उडना, विभिन्न लोकों में गमन, विशाल भवन,यान, वाहन आदि का बनाना इत्यादि सम्पूर्ण यान्त्रिक संस्कृ्ति, आविष्कारों, खोजों की आदि विकासस्थली हमारी यह भारतभूमी ही है। व्यास,वशिष्ठ,विश्वामित्र,पाराशर, याज्ञवल्क्य, जैमिनी, अत्रि, वत्स, नारद, भारद्वाज, शकटायन, स्फोटायन, प्रभूति इत्यादि मन्त्रदृ्ष्टा ऋषि ही यन्त्रों के भी आविष्कारक तथा निर्माता रहे हैं । महर्षि अत्रि और वत्स तो अपने समय के तत्वान्वेषी वैज्ञानिक मनीषी थे तथा सर्वप्रथम इन्ही दो मनीषियों नें चन्द्र सूर्य ग्रहण विज्ञान और आकर्षण विज्ञान का पता लगाया था। जिसका विशद विवेचन यहाँ तो असंभव है। खेद है कि आज अपने इस गौरवपूर्ण अध्यायों से हम अपरिचित होकर उक्त तथ्यों के आविष्कार का श्रेय पश्चिमी जगत को देते हैं।  ओर जो थोडे बहुत कुछ बहुत लोग इन तथ्यों से परिचित हैं भी, वो भी अपनी अकर्मण्यता से इन अमूल्य तथ्यों को विश्व के प्रबुद्ध समाज के सामने लाने का कोई प्रयास नहीं करते।  लेकिन अगर कोई भला आदमी प्रयास करता भी है तो ये हिन्दूस्तान में बैठे पश्चिमबुद्धि काले अंग्रेज जो बैठे हैं, बिना जाने समझे इन तथ्यों को नकारने में। सबसे पहले तो इन तथाकथित विज्ञानबुद्धियों से ही निपटने में बेचारे का हौंसला पस्त हो चुका होता है--- शेष दुनिया को कोई क्या खाक समझाएगा।
यह निर्विवाद तथ्य है कि प्राचीन भारतीय ऋषि महर्षियों नें केवल धर्मव्यवस्था, दर्शन, ज्योतिष तथा कर्मकांड में ही नहीं बल्कि स्थापत्य कला, चिकित्साविज्ञान, खगोलविज्ञान, यन्त्रनिर्माण इत्यादि वैज्ञानिक क्षेत्र में भी विश्व का सफल नेतृ्त्व किया था।
महर्षि भारद्वाज प्रणीत "यन्त्र सर्वस्व" नामक ग्रन्थ मननीय है। 
उक्त ग्रन्थ के वैमानिक प्रकरण में सामरिक एवं नागरिक दोनों प्रकार के विमानों के निर्माण का इतिहास  यन्त्र, उपयन्त्र, शत्रु के साथ युद्ध करने की विधि, अपने निर्माण की रक्षा, शत्रु के ऊपर धुँआ छोडना, उनको डराने के लिए भीषण आवाज करना, आग्नेयास्त्रों का प्रयोग करना इत्यादि विभिन्न विषयों का सांगोपांग वर्णन है। महर्षि भारद्वाज के शब्दों में पक्षियों की भान्ती उडने के कारण वायुयान को विमान कहते हैं। वेगसाम्याद विमानोण्डजानामिति ।।
विमानों के प्रकार:- शकत्युदगमविमान अर्थात विद्युत से चलने वाला विमान, धूम्रयान(धुँआ,वाष्प आदि से चलने वाला), अशुवाहविमान(सूर्य किरणों से चलने वाला), शिखोदभगविमान(पारे से चलने वाला), तारामुखविमान(चुम्बक शक्ति से चलने वाला), मरूत्सखविमान(गैस इत्यादि से चलने वाला), भूतवाहविमान(जल,अग्नि तथा वायु से चलने वाला)।
इतना ही नहीं इसी वैमानिक प्रकरण के "अहाराधिकरण" नामक खण्ड में विमानयात्रियों एवं चालकों के आहार अर्थात भोजन व्यवस्था का पूर्ण विवेचन किया गया है। उक्त आहाराधिकरण का पहला सूत्र है "आहार कल्पभेदात"  अर्थात वायुयान यात्रियों को आशानकल्प नामक कहे ग्रन्थ में कहे गए अनुसार ही भोजन व्यवस्था करनी चाहिए। यहाँ जिस आशानकल्प नामक ग्रन्थ का जिक्र किया गया है, दुर्भाग्य से वो ग्रन्थ आज लुप्त हो गया है। लेकिन जब महर्षि भारद्वाज नें अपने ग्रन्थ में इसका जिक्र किया है तो इतनी बात तो अवश्य स्पष्ट हो जाती है कि वो ग्रन्थ उनसे भी पूर्वकालीक तथा अत्यन्त प्राचीन है और साथ ही प्रमाणिक एवं शिष्ट सम्मत भी।
आगे महर्षि लिखते हैं कि विमान में भोजन व्यवस्था सर्वदा समयानुसार होनी चाहिए साथ ही भोजन को आकाश के दूषित वातावरण एवं विमान के विषैले गैस के प्रभाव से भी बचाना चाहिए।  यदि विमान में किसी कारणवश  स्थूल भोजन न मिले या असुविधा हो अथवा अरूचिकर हो तो हल्का एवं सूखा भोजन भी ग्रहण किया जा सकता है। रूचि के अनुसार कन्दमूल फल इत्यादि भी ग्राह्य हैं ।
महर्षि अगस्तय कृ्त "अगस्त्यविमानसंहिता" मे भी यह सिद्धान्त स्थिर किया गया है कि जिस प्रकार जल में नौकाएं तैरती हैं, उसी प्रकार अन्तरिक्ष में वायुभार आदि के सन्तुलन से जो यान गमनागमन करे ---वह विमान है। जले नौकेव यदयान विमान व्योम्नि कीर्तीतम ।। 

खैर ये तो बात हुई अति प्राचीन काल की लेकिन यदि मैं आप लोगों से ये कहूँ कि इसी आधुनिक युग में जब 17 दिसंबर सन 1903 में राईट बन्धुओं द्वारा विमान का आविष्कार किया गया तो उससे 8 वर्ष पूर्व ही भारत में विमान का आविष्कार हो चुका था तो शायद आप लोग विश्वास नहीं करेंगें। आप में से कुछ लोग इसे शायद निरा झूठ या "गप्प" भी कह दें तो कोई अतिश्योक्ति न होगी । लेकिन ये बिल्कुल सच है । जी हाँ, सन 1895 में भारतवर्ष में मुम्बई के चौपाटी बीच पर पंडित श्री शिवकर बापू तलपदे जी(जो कि आजीवन भारतीय पद्धति से विमान निर्माण में लगे रहे) ने सम्पूर्ण भारतीय तकनीक से निर्मित " मरूत्सखा" नामक विमान बनाकर उसे 18 फिट ऊपर आकाश में उडाया भी था । महाराज सयाजीराव गायकवाड तथा श्रीरानाडे आदि विशिष्ट व्यक्तियों के समक्ष सम्पन इस कार्यक्रम का सम्पूर्ण सचित्र विवरण तात्कालिक केशरी न.भा.टा. तथा धर्मयुग के प्रथम अंक में प्रकाशित हुआ था । महाराजा बदौडा ने इस को आगे बढाने के लिए आर्थिक सहायता की भी घोषणा की थी...लेकिन ब्रिटिश सरकार के चलते यह संभव नहीं हो पाया। बाद में ब्रिटेन की "रेले" नाम की एक कम्पनी नें उस विमान का  ढाँचा मय सभी अधिकार खरीद लिए । 

अन्त में मैं आप लोगों से जानना चाहूँगा कि क्या उपरोक्त विवरण आपको ये विश्वास नहीं दिलाता कि प्राचीन काल में विमान विद्या कपोल कल्पना न होकर एक यथार्थ था। बेशक कुछ लोग मरते दम तक भारतीय ज्ञान-विज्ञान की सर्वोच्चता  को अस्वीकार कर इन्हे कपोल कल्पना ही मानते रहें,लेकिन वास्तविकता तो ये है कि   ये सच है ओर ऎसे ही न जाने कितने अगिणित विश्वासों को सार्थक करने एवं अपनी सत्यता की सिद्धी हेतु हमारे सैंकडों हजारों ग्रन्थ आज भी सत्यन्वेषियों की राह देख रहे हैं।


विमानशास्त्रसे कुछ चित्र आपके लिए -


पश्चिम बंगाल चिटफंड घोटाला : कांग्रेस का एक और घोटाला



                      पश्चिम बंगाल की मुख्य मंत्री ममता और  वित्तमंत्री पी. चिदंबरम की पत्नी नलिनी चिदंबरम

चिटफंड घोटाले की आंच कांग्रेस तक

Apr 26, 2013,
navbharattimes.indiatimes.com
पीटीआई॥ नई दिल्ली, कोलकाता
पश्चिम बंगाल में निवेशकों के 20 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा की रकम डकार लेने के आरोपी शारदा गु्रप से जुड़े मामले की आंच अब तृणमूल से आगे बढ़कर कांग्रेस तक पहुंच गई है। आरोपों से बैकफुट पर आई तृणमूल कांग्रेस ने मामले में चेन्नै की एक सीनियर महिला वकील की भूमिका को लेकर सवाल खड़े करने शुरू कर दिए हैं। इस वकील की केंद्र सरकार के एक मिनिस्टर से शादी हुई है।
गौरतलब है कि आरोपी सुदीप्तो सेन की ओर से सीबीआई को कथित तौर पर लिखे गए लेटर में आरोप लगाया गया था कि कुछ राजनेताओं, जर्नलिस्ट और वकीलों ने उसे ब्लैकमेल किया और सिक्युरिटी देने की एवज में उससे मोटी रकम भी ऐंठ ली। उधर, केंद्र में प्रमुख विपक्षी दल बीजेपी ने भी महिला वकील की भूमिका होने के आरोपों की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
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चिदंबरम की पत्नी लपेटे में
-सुदीप्तो सेन की कथित चिट्ठी में तृणमूल एपी संृजॉय बोस और कुनाल घोष, असम से कांग्रेस के एक मिनिस्टर के अलावा वित्तमंत्री पी. चिदंबरम की पत्नी नलिनी चिदंबरम का नाम भी शामिल है।
- तृणमूल ने अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर नलिनी का नाम लिए बिना लिखा है, 'चेन्नै की एक महिला वकील शारदा घोटाले में डीलिंग क्यों कर रही थी? कांग्रेस के मंत्री को इसकी सफाई देनी चाहिए।
- तृणमूल ने आरोप लगाया कि महिला वकील ने एक एग्रीमेंट तैयार करने के बदले 1 करोड़ रुपये लिए। तृणमूल ने पूछा है कि इतनी बड़ी रकम वकील को क्यों दी गई और इसके बदले में उसने शारदा गु्रप के लिए क्या किया?
- तृणमूल ने यह भी पूछा है कि जब दिल्ली और गुवाहाटी में इतने वकील हैं तो चेन्नै के एक वकील की सेवाएं क्यों ली गईं? हालांकि, नलिनी के करीबी सूत्रों ने आरोपों को खारिज किया है।
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मामले में जांच के आदेश: कॉरपोरेट मामलों के मंत्रालय ने पश्चिम बंगाल के शारदा गु्रप और उस पर लगे धांधली करने के आरोपों की जांच करने का फैसला किया है। सूत्रों के मुताबिक, कॉरपोरेट मामलों के मंत्री सचिन पायलट की दूसरे सीनियर अधिकारियों के साथ गुरुवार सुबह हुई मीटिंग में इसका फैसला लिया गया। इस मीटिंग में इस मुद्दे के अलावा दूसरे संदिग्ध चिटफंड कंपनियों को नियंत्रित करने के लिए जरूरी कदम उठाए जाने पर भी चर्चा हुई। बता दें कि सेबी और इनकम टैक्स डिपार्टमेंट भी मामले की जांच कर रहा है।
पुलिस रिमांड में सुदीप्तो : चिटफंड धांधली के मुख्य आरोपी सुदीप्तो सेन को कोर्ट ने गुरुवार को 14 दिन की पुलिस कस्टडी में भेज दिया। सुदीप्तो के अलावा कंपनी की एक डायरेक्टर देवजानी मुखोपाध्याय और झारखंड में कंपनी के कामकाज देखने वाले अरविंद सिंह चौहान को भी रिमांड में भेजा गया है। इन पर धोखाधड़ी ( धारा 420) के अलावा कुछ अन्य चार्ज लगाए गए हैं।
शारदा गु्रप के नाम सैकड़ों कंपनियां : शारदा गु्रप ने रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज के यहां 100 से अधिक कंपनियों का रजिस्ट्रेशन करा रखा है। ये रीयल एस्टेट , ऑटोमोबाइल , एजुकेशन और एंटरटेनमेंट क्षेत्र की कंपनियां हैं। अधिकारी शारदा गु्रप की कम से कम 10 कंपनियों में फर्जी निवेश की स्कीम्स की जांच कर रहे हैं।
वेस्ट बंगाल सरकार को हलफनामा दायर करने का आदेश :
कोलकाता हाई कोर्ट ने गुरुवार को पश्चिम बंगाल सरकार को आदेश दिया कि वह 2 मई तक शारदा गु्रप के खिलाफ उठाए गए अपने कदमों की जानकारी एक हलफनामे के जरिए कोर्ट के सामने रखे। कोर्ट ने यह आदेश एक जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान जारी किया। कंपनी को अग्रिम आदेश तक कोई भी आर्थिक लेनदेन करने से भी रोका गया है।
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सुदीप्तो की चिट्ठी में कांग्रेस नेताओं के नाम भी

एजेंसी | Apr 26, 2013 आर्टिकल

कोलकाता/नई दिल्ली. सुदीप्तो सेन की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। शारदा ग्रुप के चैनल 10 के कर्मचारियों ने कोलकाता के पार्क स्ट्रीट थाने में सांसद कुणाल घोष, शारदा ग्रुप के सीएमडी सुदीप्तो सेन और वाइस प्रेसिडेंट समेत कई शीर्ष अधिकारियों के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई है। इसी बीच पश्चिम बंगाल में सक्रिय दो अन्य चिट फंड कंपनियां लोगों का पैसा लेकर चंपत हो गई हैं। वहीं, शारदा ग्रुप की ब्रैंड एंबेसेडर रह चुकीं तृणमूल कांग्रेस की सांसद शताब्दी रॉय का कहना है कि उनका शारदा ग्रुप के फर्जीवाड़े से कोई लेना देना नहीं है।

इससे पहले, पश्चिम बंगाल के शारदा चिटफंड घोटाले की लपेट में केंद्रीय वित्तमंत्री पी. चिदंबरम की पत्नी नलिनी भी आ गई हैं। घोटाले के मुख्य आरोपी शारदा ग्रुप के चेयरमैन सुदीप्तो सेन ने उन पर भी ब्लैकमेलिंग के आरोप लगाए हैं।

सीबीआई को भेजी 18 पेज की चिट्ठी में सुदीप्तो ने नलिनी का नाम लिया है। इसी में तृणमूल कांग्रेस के दो सांसद कुणाल घोष और सृंजय बोस का भी जिक्र है। दोनों सांसदों ने पी. चिदंबरम से इस पर जवाब मांगा है। हालांकि नलिनी ने आरोपों को बेबुनियाद बताया है। सुदीप्तो ने असम सरकार के एक मंत्री समेत 22 लोगों पर उनसे फायदा उठाने का आरोप लगाया है। उसने 15 अप्रैल को ही सीबीआई को चिट्ठी लिखी थी। लेकिन संबंधित जानकारियां अब बाहर आई हैं। सुदीप्तो सेन और उनके दो साथियों को गुरुवार को कोलकाता की कोर्ट में पेश किया गया। अदालत ने सभी को 14 दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया है। तीनों को मंगलवार को जम्मू-कश्मीर के गांदरबल में गिरफ्तार किया गया था। पेशी के दौरान कोर्ट में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने हंगामा भी किया।

नलिनी से जुड़े पांच आरोप

1. नरसिम्हा राव सरकार में मंत्री रहे मतंग सिंह, उनकी पत्नी मनोरंजना और मेरी कंपनी के बीच नलिनी चिदंबरम ने डील कराई।

2. सबसे अधिक नुकसान मनोरंजना सिंह और मतंग सिंह ने पहुंचाया। मनोरंजना ही अपने पॉजिटिव ग्रुप्स की बिक्री के लिए नलिनी के पास ले गईं।

3. नलिनी ने कहा था कि मैं उन्हें नॉर्थ-ईस्ट में एक चैनल स्थापित करने में मदद करूं। कोई भी विवाद होने पर उसके निपटारे का भरोसा दिलाया था।

4. मैंने उन्हें एक करोड़ से अधिक दिए। इसके अलावा जब भी वह मनोरंजना के साथ कोलकाता आतीं उनकी यात्रा और होटल खर्च मैं ही वहन करता था।

5. नलिनी ने मुझे 42 करोड़ रुपए चैनल के लिए देने को कहा। मैंने अब तक मनोरंजना सिंह और उनके एक सहयोगी को 25 करोड़ रुपए दिए हैं।

सेबी ने चार और कंपनियों पर कार्रवाई को कहा
पश्चिम बंगाल में चार और कंपनियां चार हजार करोड़ रुपए से अधिक की चिट फंड स्कीम चला रही हैं। सेबी ने राज्य सरकार को भेजी चिट्ठी में इनके खिलाफ भी जांच कर कार्रवाई करने को कहा है। इन कंपनियों में रोज वैली इन्वेस्टमेंट, सुमंगल इंडस्ट्रीज, एमपीएस ग्रीनरी और सन प्लांट ग्रुप शामिल है। सेबी के एक अधिकारी के अनुसार हालात इतने बुरे हैं कि पश्चिम बंगाल प्रेशर कुकर बम जैसी स्थिति में आ चुका है।
ईडी ने भी दर्ज किया मामला
चिटफंड कंपनी शारदा समूह के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय ने भी मामला दर्ज कर लिया है। कंपनी के खिलाफ निदेशालय के गुवाहाटी ऑफिस में मनी लाउंड्रिंग एक्ट के तहत केस दर्ज कराया गया है। इससे पहले शारदा ग्रुप के खिलाफ पश्चिम बंगाल की पुलिस, सेबी, आयकर विभाग और कॉरपोरेट मामलों का मंत्रालय पहले से ही जांच कर रहा है। उधर, पश्चिम बंगाल सरकार ने 29 अप्रैल को विधानसभा की विशेष बैठक बुलाई है। उम्मीद है कि इसमें चिट फंड कंपनियों पर अंकुश लगाने के लिए कठोर कानून पास किया जाएगा। या संभव है कि मौजूदा कानून में ही संशोधन किया जाए।

केंद्र ने मार्च में ही किया था आगाह
नई दिल्ली त्नकेंद्रीय कंपनी मामलों के मंत्री सचिन पायलट ने मार्च में ही भारतीय रिजर्व बैंक से वित्तीय कारोबार से जुड़ी संदिग्ध कंपनियों की जांच के लिए लिखा था। आम और गरीब निवेशकों के साथ वित्तीय धोखाधड़ी करने का पश्चिम बंगाल में शारद ग्रुप ऑफ कंपनीज और दो अन्य कंपनियों का मामला तो खुल गया लेकिन देश में ऐसी 22 हजार से अधिक वित्तीय कंपनियों के संदिग्ध कारोबार पर सरकार की नजर है। भास्कर में यह खबर तब भी प्रमुखता से छपी थी। संभवत: कंपनी मामलों के मंत्रालय को शारदा ग्रुप जैसी कंपनियों के फरेब का आभास हो गया था। पायलट ने इस मामले में केंद्रीय वित्त मंत्रालय को भी पत्र लिखा था। कंपनी मामलों के मंत्रालय के अधिकारियों के मुताबिक ऐसी 87 कंपनियों के खिलाफ जांच की जा रही है, जिनके खिलाफ शिकायत मिली है।
इनमें पश्चिम बंगाल की शारदा ग्रुप की कंपनियां भी हैं। इनमें अधिकतर गैर-बैंकिंग कंपनियों के रूप में लोगों को उनके निवेश पर बेहतर रिटर्न देने का वादा करती रही हैं। मार्च के शुरू में सचिन पायलट ने रिजर्व बैंक को पत्र लिखा था कि इस समय 34,754 कंपनियां गैर-बैंकिंग या उससे मिलता-जुलता कारोबार कर रही हैं। इनमें मात्र 12,375 को ही रिजर्व बैंक ने गैर-बैकिंग कारोबार की अनुमति दी हुई है जबकि दूसरों ने बचने के लिए अपने पंजीकरण के समय ऐसी बातें जोड़ दी हैं जिससे लगे कि ये भी गैर-बैंकिंग संस्था के तौर पर काम करने को अधिकृत हैं। पायलट ने रिजर्व बैंक को सभी 34,754 कंपनियों की जानकारी साझा करते हुए उनके खिलाफ जांच की सलाह दी थी। उस समय कंपनी मामलों के मंत्रालय ने वित्त मंत्रालय को भी एक पत्र लिखा था और अनुरोध किया था कि वह रिजर्व बैंक को स्पष्ट निर्देश दे कि अवैध वित्तीय कारोबार में लगी कंपनियों की जांच करे। मंत्रालय के अधिकारियों के मुताबिक जिन 87 कंपनियों के खिलाफ जांच की जा रही है, उनमें 73 के साथ पश्चिम बंगाल की हैं। वहीं दिल्ली में 5 व तमिलनाडु में 5 कंपनियों के खिलाफ जांच चल रही है। इसके अलावा राजस्थान में 2 कंपनियों के साथ कर्नाटक और उत्तर प्रदेश की 1-1 कंपनी की जांच की जा रही है।
क्या कर रहा है कंपनी मामलों का मंत्रालय
ऐसे मामले, जिसमें छोटे निवेशकों को मल्टी लेवल मार्केटिंग के नाम पर फंसाया जाता है, को रोकने के लिए पूर्वानुमान सेल बनाया जा रहा है। यह सेल बिना शिकायत के उन कंपनियों के खिलाफ अपनी जांच शुरू कर देगा, जिसकी योजनाएं अव्यावहारिक लगेंगी। मंत्रालय ने अपने एंटी फ्रॉड इंवेस्टीगेशन ऑफिस को सभी राज्य के ऐसे कार्यालय के साथ तालमेल करने को कहा है। इसके अलावा मंत्रालय अपने मार्केट रिसर्च एवं एनालिसिस यूनिट को अपनी इंटेलिजेंस यूनिट के तौर पर नए सिरे से गठित कर रहा है। राज्य सरकार के माध्यम से विभिन्न राज्यों में पुलिस के साथ भी तालमेल बढ़ा रहा है, जिससे त्वरित आधार पर किसी कंपनी के बाबत जानकारी हासिल की जा सके।
'आम और गरीब निवेशक अपने जीवन की जमा-पूंजी आकर्षक प्रलोभन की वजह से इन कंपनियों में लगा देते हैं, जब ऐसे लोगों के साथ धोखाधड़ी होती है तो केंद्र सरकार का उसमें दखल जरूरी हो जाता है। कंपनी मामलों का मंत्रालय और स्वयं मैं इस मामले से आहत और स्तब्ध हूं। इस मामले की जांच पर हम निगरानी रख रहे हैं और अपने स्तर पर भी जांच शुरू करेंगे, ताकि गरीब और आम लोगों का पैसा, जो इन कंपनियों ने हड़प लिया है, वापस दिलाने का हर संभव प्रयास किया जा सके।'